दून विवि में डॉ भीमराव अंबेडकर चेयर की स्थापना, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने किया कार्यक्रम में प्रतिभाग

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शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी एवं जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित की अनेक घोषणाएं

देहरादूनः राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक रीविजिटिंग डॉ.अम्बेडकर. थॉटस एण्ड फिलासफी, पुस्तक का विमोचन भी किया।

इस मौके पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020.21 से दून विश्वविद्यालय में बीएससी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी व जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ;एमए थियेटरद्धए एमए, एमएससी गृहविज्ञान, बीए ;ऑनर्सद्ध मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।

राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड.19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।

इसके अलावा राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने.बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

इस अवसर परमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ. यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।

कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट मे ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50.50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड.19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड .19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र.छात्राएं उपस्थित थे।