Lockdown 4.0 : उत्तराखंड में 7000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों, होटलों, धर्मशालाओं का सहमति शुल्क होगा माफ

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 28 May 2020 04:13 PM IST

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कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के बीच व्यावसायिक गतिविधियां ठप होने से वित्तीय संकट से जूझ रही 7000 से अधिक छोटी, बड़ी औद्योगिक इकाइयों, होटलों, धर्मशाला संचालकों को उतराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़ी रियायत देने जा रहा है। बोर्ड की ओर से औद्योगिक इकाइयों की ओर से हर साल जमा कराए जाने वाला सहमति शुल्क माफ करने जा रहा है।  जिसके लिए बोर्ड की ओर से प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है।राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धी ने बताया कि आगामी 10 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उतराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 7000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ ही होटल, धर्मशाला, अस्पताल पंजीकृत हैं। जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेते हैं और अनुमति देने की एवज में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्धारित शुल्क वसूला जाता है। लेकिन अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तमाम गतिविधियां बंद हैं तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड औद्योगिक इकाइयों से वसूले जाने वाले सहमति शुल्क को माफ करने जा रहा है।उतराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि सहमति शुल्क माफ करने को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसे आगामी 10 जून को प्रस्तावित बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा और इस पर चर्चा करने के साथ ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड के सदस्य सचिव सुबुद्धि ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही 7000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों को 25 करोड़ रुपए का लाभ होगा।जबकि बोर्ड को इतनी ही धनराशि का नुकसान होगा । लेकिन अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तमाम औद्योगिक इकाइयां गंभीर वितीय संकट का सामना कर रही हैं तो ऐसे में बोर्ड के स्तर से यह निर्णय लिया जा रहा है।

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के बीच व्यावसायिक गतिविधियां ठप होने से वित्तीय संकट से जूझ रही 7000 से अधिक छोटी, बड़ी औद्योगिक इकाइयों, होटलों, धर्मशाला संचालकों को उतराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़ी रियायत देने जा रहा है। बोर्ड की ओर से औद्योगिक इकाइयों की ओर से हर साल जमा कराए जाने वाला सहमति शुल्क माफ करने जा रहा है।  जिसके लिए बोर्ड की ओर से प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धी ने बताया कि आगामी 10 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उतराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 7000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ ही होटल, धर्मशाला, अस्पताल पंजीकृत हैं। जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेते हैं और अनुमति देने की एवज में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से निर्धारित शुल्क वसूला जाता है। लेकिन अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तमाम गतिविधियां बंद हैं तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड औद्योगिक इकाइयों से वसूले जाने वाले सहमति शुल्क को माफ करने जा रहा है।

उतराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि सहमति शुल्क माफ करने को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसे आगामी 10 जून को प्रस्तावित बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा और इस पर चर्चा करने के साथ ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड के सदस्य सचिव सुबुद्धि ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही 7000 से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों को 25 करोड़ रुपए का लाभ होगा।

जबकि बोर्ड को इतनी ही धनराशि का नुकसान होगा । लेकिन अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तमाम औद्योगिक इकाइयां गंभीर वितीय संकट का सामना कर रही हैं तो ऐसे में बोर्ड के स्तर से यह निर्णय लिया जा रहा है।

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