उत्तराखंड: सरकार पर हाईकोर्ट की सख्ती, कोरोना टेस्ट क्षमता बढ़ाकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 27 May 2020 11:53 PM IST

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नैनीताल हाईकोर्ट ने कोरोना टेस्ट क्षमता को शीघ्र बढ़ाकर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व सरकार की ओर से स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कोर्ट को अवगत कराया कि सीमावर्ती इलाकों की जगह सीमावर्ती जिलों हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल में सेंट्रलाइज्ड क्वारंटीन सेंटर बनाने की व्यवस्था की जा रही है।यहां रेड जोन से आ रहे प्रवासियों को रखा जाएगा। अमित नेगी ने प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग मामले पर कहा कि आईसीएमआर को टेस्टिंग बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जैसे ही वहां से स्वीकृति मिलेगी, टेस्टिंग की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 4000 टेस्ट किट पूरे प्रदेश में वितरित किए गए हैं।न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व हरिद्वार के सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के ग्रामीण इलाकों में स्थित क्वारंटीन सेंटरों में अव्यवस्थाओं के बारे में न्यायालय को अवगत कराने पर हाईकोर्ट ने सचिव जिला विधिक सहायता प्राधिकरण नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार को आदेश दिया कि वे इन जिलों के क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण खुद जाकर करेंगे और तीन दिन के भीतर सेंटरों की साफ-सफाई, भोजन और मूलभूत सुविधाओं जैसे टॉयलेट आदि की दुर्दशा के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।
कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि कई क्वारंटीन सेंटरों में साफ-सफाई और भोजन का अभाव है। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को इस पर त्वरित कार्रवाई कर तीन दिन के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को सभी क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं को अपग्रेड कर न्यायालय में लिखित रिपोर्ट फाइल करने के लिए कहा है।वहीं, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को आदेश दिया है कि पिथौरागढ़ स्थित एक क्वारंटीन सेंटर में जिस पुलिस अफसर ने प्रवासी के साथ मारपीट की उसके खिलाफ कार्रवाई कर तीन दिन में न्यायालय को अवगत कराएं।

सार
क्वारंटीन सेंटरों में साफ-सफाई और भोजन के अभाव पर भी हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने कोरोना टेस्ट क्षमता को शीघ्र बढ़ाकर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व सरकार की ओर से स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कोर्ट को अवगत कराया कि सीमावर्ती इलाकों की जगह सीमावर्ती जिलों हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल में सेंट्रलाइज्ड क्वारंटीन सेंटर बनाने की व्यवस्था की जा रही है।

यहां रेड जोन से आ रहे प्रवासियों को रखा जाएगा। अमित नेगी ने प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग मामले पर कहा कि आईसीएमआर को टेस्टिंग बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जैसे ही वहां से स्वीकृति मिलेगी, टेस्टिंग की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 4000 टेस्ट किट पूरे प्रदेश में वितरित किए गए हैं।

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व हरिद्वार के सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के ग्रामीण इलाकों में स्थित क्वारंटीन सेंटरों में अव्यवस्थाओं के बारे में न्यायालय को अवगत कराने पर हाईकोर्ट ने सचिव जिला विधिक सहायता प्राधिकरण नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार को आदेश दिया कि वे इन जिलों के क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण खुद जाकर करेंगे और तीन दिन के भीतर सेंटरों की साफ-सफाई, भोजन और मूलभूत सुविधाओं जैसे टॉयलेट आदि की दुर्दशा के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।

कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि कई क्वारंटीन सेंटरों में साफ-सफाई और भोजन का अभाव है। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को इस पर त्वरित कार्रवाई कर तीन दिन के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को सभी क्वारंटीन सेंटरों की व्यवस्थाओं को अपग्रेड कर न्यायालय में लिखित रिपोर्ट फाइल करने के लिए कहा है।वहीं, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी को आदेश दिया है कि पिथौरागढ़ स्थित एक क्वारंटीन सेंटर में जिस पुलिस अफसर ने प्रवासी के साथ मारपीट की उसके खिलाफ कार्रवाई कर तीन दिन में न्यायालय को अवगत कराएं।

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