हरिद्वार में भी जल्द स्थापित होगी लैब, हो सकेगी कोविड-19 सैंपलों की जांच

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Thu, 28 May 2020 01:30 AM IST

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जल्द ही हरिद्वार में भी कोविड-19 की जांच शुरू हो जाएगी। प्रवासियों के बढ़ते दबाव और बाहर से रिपोर्ट आने में देरी के चलते जिला प्रशासन के लैब स्थापित करने के प्रस्ताव को शासन ने फौरी तौर पर स्वीकार कर लिया है। साथ ही इस पर खर्च होने वाली करीब तीन करोड़ की धनराशि को जल्द स्वीकृति देने का भरोसा भी दिलाया है।प्रवासियों की आवाजाही के लिए हरिद्वार को प्रमुख केंद्र बनाए जाने के बाद से यहां लगातार कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि हरिद्वार को रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, हरिद्वार और चमोली जिले के प्रवासियों को संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भी बनाया गया है।ऐेसे में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिले से अब तक 4884 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इन सैंपलों की जांच ऋषिकेश स्थित एम्स और देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में कराई जा रही है। यहां देहरादून के अलावा अन्य जनपदों से आने वाले सैंपल की जांच का भी दबाव रहता है। ऐसे में जांच रिपोर्ट काफी देरी से मिल रही है।
लिहाजा हरिद्वार में भी अलग से कोरोना की जांच के लिए लैब खोले जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से हरिद्वार में लैब खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बुधवार शाम स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी की वीडियो कांफ्रेंस में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। डीएम ने बताया कि लैब स्थापित करने में करीब तीन करोड़ की धनराशि खर्च होनी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस धनराशि को स्वीकृत देकर हरिद्वार में लैब स्थापित की जाएगी। इससे पहले सैंपलिंग का कार्य तेज करने के लिए देहरादून से दो मशीनें हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। टीबी की जांच में काम आने वाली ये मशीनें कोरोना की जांच में भी काम आ रही हैं। संभवत: एक-दो दिन में ही ये मशीनें हरिद्वार पहुंच जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही लैब स्थापित हो जाएगी।

सार
जिला प्रशासन के प्रस्ताव को फौरी तौर पर शासन की स्वीकृति
लैब के लिए करीब तीन करोड़ और तीन मशीनें देने की सहमति

विस्तार
जल्द ही हरिद्वार में भी कोविड-19 की जांच शुरू हो जाएगी। प्रवासियों के बढ़ते दबाव और बाहर से रिपोर्ट आने में देरी के चलते जिला प्रशासन के लैब स्थापित करने के प्रस्ताव को शासन ने फौरी तौर पर स्वीकार कर लिया है। साथ ही इस पर खर्च होने वाली करीब तीन करोड़ की धनराशि को जल्द स्वीकृति देने का भरोसा भी दिलाया है।

प्रवासियों की आवाजाही के लिए हरिद्वार को प्रमुख केंद्र बनाए जाने के बाद से यहां लगातार कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि हरिद्वार को रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, हरिद्वार और चमोली जिले के प्रवासियों को संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भी बनाया गया है।

ऐेसे में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिले से अब तक 4884 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इन सैंपलों की जांच ऋषिकेश स्थित एम्स और देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में कराई जा रही है। यहां देहरादून के अलावा अन्य जनपदों से आने वाले सैंपल की जांच का भी दबाव रहता है। ऐसे में जांच रिपोर्ट काफी देरी से मिल रही है।

वीडियो कांफ्रेंस में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया

लिहाजा हरिद्वार में भी अलग से कोरोना की जांच के लिए लैब खोले जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से हरिद्वार में लैब खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बुधवार शाम स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी की वीडियो कांफ्रेंस में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। डीएम ने बताया कि लैब स्थापित करने में करीब तीन करोड़ की धनराशि खर्च होनी है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस धनराशि को स्वीकृत देकर हरिद्वार में लैब स्थापित की जाएगी। इससे पहले सैंपलिंग का कार्य तेज करने के लिए देहरादून से दो मशीनें हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। टीबी की जांच में काम आने वाली ये मशीनें कोरोना की जांच में भी काम आ रही हैं। संभवत: एक-दो दिन में ही ये मशीनें हरिद्वार पहुंच जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही लैब स्थापित हो जाएगी।

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वीडियो कांफ्रेंस में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया

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