Weather Today: अलर्ट के बाद देहरादून में बारिश, जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम पहुंच रहे तीर्थयात्री

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

Updated Mon, 14 Sep 2020 09:54 AM IST


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मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तराखंड के सात जिलों में बारिश के आसार जताए हैं। फिलहाल कहीं भी अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है लेकिन कुछ जगहों पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, राजधानी देहरादून में भी मौसम खराब बना हुआ है। सुबह से ही बादल गरजने के साथ ही बारिश से ताममान में भी काफी गिरावट आई है। रविवार को प्रदेशभर में बादल छाए रहे। दोपहर में देहरादून सहित कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है।  

भिडियालीगाड़ में हुए भारी भूूस्खलन के चलते तीसरे दिन भी यमुनोत्री धाम की यात्रा थमी रही। लोनिवि के मजदूरों ने भारी मशक्कत कर करीब 80 मीटर वैकल्पिक रास्ता बना लिया है। अभी करीब तीन सौ मीटर रास्ता बनना शेष है। प्रशासन द्वारा जोखिम को देखते हुए एक हफ्ते तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाने के आदेश के बावजूद कुछ तीर्थयात्री जोखिम उठाकर रविवार को धाम तक पहुंचे।बीते शुक्रवार को जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भिडियालीगाड़ के पास भारी भूस्खलन होने से करीब 40 मीटर रास्ता और पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई थी। लोनिवि द्वारा यहां नई पुलिया और चट्टान काट कर नए सिरे से रास्ता बनाने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही यहां करीब चार सौ मीटर वैकल्पिक रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है।मौके पर तैनात साइट इंचार्ज रविंद्र चौहान ने बताया कि अवरुद्ध हिस्से को पार करने के लिए अस्थाई बटिया बना दी गई है, लेकिन सुरक्षित आवाजाही एवं घोड़े खच्चरों की आवाजाही लायक अभी 80 मीटर रास्ता बन पाया है। यहां भूस्खलन के खतरे और रोजाना शाम के समय बारिश होने से काम करने में दिक्कत आ रही हैं। उन्होंने जल्द ही वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का भरोसा दिलाया।जानकीचट्टी-यमुनोत्री मुख्य पैदल मार्ग अवरुद्ध होने और अभी वैकल्पिक रास्ते से आवाजाही में जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने रास्ता दुरुस्त होने तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाई है। इसके बावजूद रविवार को करीब बीस तीर्थयात्री जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम पहुंचे। कर्नाटक, देहरादून आदि स्थानों से आए 12 तीर्थयात्रियों को पुलिस ने जानकीचट्टी से लौटा दिया। एसडीएम चतर सिंह चौहान ने कहा कि वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह बनने तक यहां आवाजाही जोखिम भरी है। ऐसे में यात्रियों को धाम जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तराखंड के सात जिलों में बारिश के आसार जताए हैं। फिलहाल कहीं भी अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है लेकिन कुछ जगहों पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, राजधानी देहरादून में भी मौसम खराब बना हुआ है। सुबह से ही बादल गरजने के साथ ही बारिश से ताममान में भी काफी गिरावट आई है। 

रविवार को प्रदेशभर में बादल छाए रहे। दोपहर में देहरादून सहित कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है।  

जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम पहुंच रहे तीर्थयात्री

भिडियालीगाड़ में हुए भारी भूूस्खलन के चलते तीसरे दिन भी यमुनोत्री धाम की यात्रा थमी रही। लोनिवि के मजदूरों ने भारी मशक्कत कर करीब 80 मीटर वैकल्पिक रास्ता बना लिया है। अभी करीब तीन सौ मीटर रास्ता बनना शेष है। प्रशासन द्वारा जोखिम को देखते हुए एक हफ्ते तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाने के आदेश के बावजूद कुछ तीर्थयात्री जोखिम उठाकर रविवार को धाम तक पहुंचे।बीते शुक्रवार को जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भिडियालीगाड़ के पास भारी भूस्खलन होने से करीब 40 मीटर रास्ता और पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई थी। लोनिवि द्वारा यहां नई पुलिया और चट्टान काट कर नए सिरे से रास्ता बनाने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। साथ ही यहां करीब चार सौ मीटर वैकल्पिक रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है।मौके पर तैनात साइट इंचार्ज रविंद्र चौहान ने बताया कि अवरुद्ध हिस्से को पार करने के लिए अस्थाई बटिया बना दी गई है, लेकिन सुरक्षित आवाजाही एवं घोड़े खच्चरों की आवाजाही लायक अभी 80 मीटर रास्ता बन पाया है। यहां भूस्खलन के खतरे और रोजाना शाम के समय बारिश होने से काम करने में दिक्कत आ रही हैं। उन्होंने जल्द ही वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का भरोसा दिलाया।जानकीचट्टी-यमुनोत्री मुख्य पैदल मार्ग अवरुद्ध होने और अभी वैकल्पिक रास्ते से आवाजाही में जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने रास्ता दुरुस्त होने तक यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाई है। इसके बावजूद रविवार को करीब बीस तीर्थयात्री जोखिम उठाकर यमुनोत्री धाम पहुंचे। कर्नाटक, देहरादून आदि स्थानों से आए 12 तीर्थयात्रियों को पुलिस ने जानकीचट्टी से लौटा दिया। एसडीएम चतर सिंह चौहान ने कहा कि वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह बनने तक यहां आवाजाही जोखिम भरी है। ऐसे में यात्रियों को धाम जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

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